Wednesday, August 21, 2013

मेरी प्यारी बहना…

Yesterday it was रक्षाबंधन. How could it be that it would go without reminding one of “इसे समझो ना रेशम का तार भैया, मेरी राखी का मतलब है प्यार भैया”? I imagined Snehal singing it, and wondered, “should I not sing my response back?” What then! I decided to gift her a song, my first song (if you can call it that :P) Here’s the basic poem…
Here is the original song, then follow full lyrics of my song, so you could play the original for the music and the tune, singing the alternate words. I have tried to preserve the rhythm and the syllable count of the original song as much as possible…
इसे समझूँ ना रेशम का तार, बहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
इसे समझूँ ना
इसे समझूँ ना
रेशम का तार, बहना
इसे समझूँ ना
रेशम का तार, बहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
इसे समझूँ ना
रेशम का तार, बहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
मेरी बहना, प्यारी बहना

यूँतो रिश्तें-नाते
नाजुक बहुत हैं
यूँतो रिश्तें-नाते
नाजुक बहुत हैं
तेरी राखी मगर मजबूत है
सासें टूटेंगी
सासें टूटेंगी
टूटे ना ये डोर बहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
मेरी बहना, प्यारी बहना

तेरे भैयासे
जब भी कोई डांट पड़े
ओ तेरे भैयासे
जब भी कोई डांट पड़े
बोले बहना तू "भैया,
कठोर बड़े!"
अरे पगली
अरे पगली
उसके पीछे प्यार है ना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना

इसे समझूँ ना
रेशम का तार, बहना
इसे समझूँ ना
रेशम का तार, बहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
तेरी राखीसे प्यारा ना और गहना
मेरी बहना, प्यारी बहना
मेरी बहना, प्यारी बहना

1 comment :

  1. You know what happened between Rakshabandhan, 2013 to Diwali, 2013?
    Sujeet Gholap did not post _anything_ on his much-said-about blog.

    Waiting for a post! :)

    PS: You cannot reply to this comment on the lines of, "Look who's talking!" :D

    Reply Delete

Post a Comment